WPT और LAPC का पुनर्मिलन जरूरी

समाचारसंपादक: dezhoupuke.org
WPT और LAPC का पुनर्मिलन जरूरी

वर्ल्ड पोकर टूर और एल.ए. पोकर क्लासिक का लंबा साझा इतिहास रहा है, और दोनों का फिर से एक होना टूर्नामेंट कैलेंडर के लिए स्वागत योग्य कदम होगा।

एक ऐसी साझेदारी जिसे फिर से जोड़ने का वक्त आ गया है

वर्ल्ड पोकर टूर (WPT) और एल.ए. पोकर क्लासिक (LAPC) का इतिहास टूर्नामेंट पोकर की दुनिया में सबसे पहचाने जाने वाले अध्यायों में से एक है। कई सालों तक LAPC, WPT शेड्यूल का एक पक्का हिस्सा रहा, और दोनों के इस रिश्ते ने टूर की वेस्ट कोस्ट मौजूदगी को एक अलग पहचान दी। अगर ये दोनों फिर एक साथ आ जाएं, तो खिलाड़ियों और फैंस, दोनों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी होगी।

यही उस राय के पीछे की दलील है कि इन दोनों ब्रांड्स को दोबारा एकजुट किया जाना चाहिए। तर्क सीधा-सा है: इस साझेदारी का फायदा दोनों पक्षों को मिलता है, और पोकर कैलेंडर तब ज्यादा मजबूत होता है जब उसके बड़े इवेंट्स के पीछे पहचानी जाने वाली ब्रांडिंग और एक साफ पहचान हो।

WPT पर LAPC की अहमियत क्यों थी

एल.ए. पोकर क्लासिक ने लाइव टूर्नामेंट सर्किट के एक बड़े स्टॉप के तौर पर अपनी पहचान बनाई। इसके मेन इवेंट में मजबूत फील्ड उतरती थी, और कॉमर्स कैसीनो का माहौल इसे बाकी टूर स्टॉप्स के बीच एक अलग रंग देता था। टूर के इतिहास के एक लंबे दौर तक LAPC उन इवेंट्स में शामिल था जिन्हें खिलाड़ी साल की प्लानिंग करते वक्त सबसे पहले सर्कल करते थे।

टूर्नामेंट पोकर में इस तरह की निरंतरता की अपनी अहमियत है। जो इवेंट हर साल एक ही वेन्यू पर, लगभग एक ही वक्त पर, एक ही ब्रांडिंग के साथ लौटते हैं, वे अपनी एक फैन फॉलोइंग बना लेते हैं। खिलाड़ी स्ट्रक्चर, फील्ड साइज़ और माहौल को समझ जाते हैं। फैंस को पता होता है कि क्या उम्मीद करनी है। स्पॉन्सर्स और ब्रॉडकास्टर्स को एक ऐसा प्रोडक्ट मिलता है जिसे वे साल-दर-साल प्रोमोट कर सकते हैं।

जब कोई लंबे समय से चलने वाला इवेंट और कोई बड़ा टूर अलग हो जाते हैं, तो दोनों उस जमा हुई पहचान का कुछ हिस्सा खो देते हैं। इसे दोबारा खड़ा करने में वक्त लगता है।

दोबारा जुड़ने का मतलब क्या होगा

WPT और LAPC के बीच नई साझेदारी पूरे लाइव टूर्नामेंट परिदृश्य की हर समस्या का इलाज नहीं है। प्राइज़ पूल, फील्ड साइज़ और शेड्यूलिंग के टकराव कई चीज़ों से तय होते हैं, जिनमें पोकर इकॉनमी की overall सेहत और दूसरे इवेंट्स से मिलने वाली टक्कर भी शामिल है।

फिर भी, ब्रांडिंग और टूर से जुड़ाव को हल्के में नहीं लिया जा सकता। WPT ब्रांड वाले LAPC को टूर की मार्केटिंग पहुंच, खिलाड़ियों से जुड़ी कम्युनिकेशन, और ब्रॉडकास्ट व स्ट्रीमिंग की पहुंच मिलेगी। LAPC अपने साथ अपना इतिहास, अपना वेन्यू और अपना रीजनल प्लेयर बेस लाएगा। कागज़ पर यह जोड़ी एकदम फिट बैठती है।

खिलाड़ियों के लिए भी यह रीयूनियन फैसले लेना आसान बना देगी। WPT शेड्यूल पर लॉस एंजिल्स का एक बड़ा स्टॉप होना, कैलेंडर में जगह को लेकर अनिश्चित किसी स्टैंडअलोन इवेंट से कहीं ज्यादा आसान होता है, जिसके इर्द-गिर्द प्लान बनाया जा सके।

निरंतरता का व्यापक तर्क

पोकर का टूर्नामेंट कैलेंडर काफी भरा हुआ है। नई सीरीज़ नियमित रूप से आती रहती हैं, और पुराने इवेंट्स उसी खिलाड़ियों के समूह के लिए एक-दूसरे से टकराते हैं। ऐसे माहौल में निरंतरता एक बड़ी ताकत है। जिन इवेंट्स का इतिहास गहरा और ब्रांड मजबूत होता है, वे आम तौर पर उन इवेंट्स से बेहतर टिकते हैं जिनके पास यह सब नहीं होता।

WPT और LAPC का रिश्ता इसी सिद्धांत का अच्छा उदाहरण है। ये दो नाम इतने लंबे समय तक एक-दूसरे से जुड़े रहे कि आज भी कई खिलाड़ी इन्हें एक-दूसरे से जोड़कर ही देखते हैं। इस रिश्ते को बहाल करने से फील्ड साइज़ या प्राइज़ पूल की कोई गारंटी नहीं मिलती, लेकिन सर्किट की पहचान का जो हिस्सा गायब हो गया है, वह ज़रूर वापस आ जाता है।

एक वाजिब उम्मीद

यह साफ़ समझ लेना ज़रूरी है कि रीयूनियन से क्या होगा और क्या नहीं। इससे LAPC अपने शिखर के सालों में अपने आप नहीं लौट जाएगा, और न ही अकेले इससे लॉस एंजिल्स के लाइव पोकर का रुख़ बदल जाएगा। ये नतीजे ब्रांडिंग से कहीं आगे की चीज़ों पर निर्भर करते हैं।

इससे जो होगा वह यह कि खिलाड़ियों और फैंस को शेड्यूल पर एक जाना-पहचाना, स्पष्ट रूप से तय इवेंट मिल जाएगा। विकल्पों से भरे कैलेंडर में पहचान का असली महत्व होता है। WPT और LAPC को फिर से एक करने की वकालत का मूल यही है।

ऐसा होगा या नहीं, यह आख़िर में शामिल पक्षों का बिज़नेस फ़ैसला है। लेकिन एक राय के तौर पर यह तर्क समझना आसान है: ये दोनों एक साथ ही बेहतर लगते हैं, और जब खेल के बड़े इवेंट्स का ठिकाना साफ़ होता है, तो पूरा खेल बेहतर होता है।